बेंचिंग: द न्यू गेम थ्योरी ऑफ डेटिंग – टिंडर टॉक

आजकल के स्मार्टफ़ोन और फ्री इंटरनेट से बदलते परिवेश में, बेंचिंग उन खेलों में से एक है जिसे लोग डेटिंग के नाम पर खेलते हैं। यह हमारे पुराने ‘सामाजिक व्यवस्था और विवाह की संस्था’ का ब्यप्रोडक्ट है, जो ढ़ेर सारे लोगों को इसका शिकार बनाती हैं। बेंचिंग के दौरान आप अपने डेट (बेन्ची) के लिए किसी भी ढंग से कमिटेड नहीं होते हैं पर आप उन्हें अपने पिछले रडार पर रखते हैं।

यहां अपने डेट (बेन्ची) के साथ ब्रेकअप होने के बजाय कुछ समय के लिए आपका इंटेरेस्ट उनमें खत्म हो जाता हैं। अक्सर, जो व्यक्ति बेंचिंग रिलेशनशिप रखते हैं वे ज्यादा से ज्यादा डेटिंग पार्टनर पाने के लिए अपने विकल्प खुले रखते हैं क्योंकि वे आपको कुछ हद तक पसंद करते है और पाना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें किसी तरह का कमिटमेंट करना मुश्किल लगता है। इस नए डेटिंग शब्द के बारे में मेरे इस लेख के माध्यम से और भी बहुत कुछ जानें, जो बढ़ते स्मार्ट फोन उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ तेजी से बढ़ता जा रहा है।

बेंचिंग (डेटिंग) क्या है?

बेंचिंग एक तरह का साइकलिंग रिलेशनशिप है। यह पारंपरिक डेटिंग से अलग है, बेंचिंग के साथ, कोई ब्रेकअप नहीं होती है औऱ वो व्यक्ति आपके आस-पास ही होता है। क्योंकि उन्हें लगता है कि आगे वो आपसे भी अच्छा विकल्प (बेन्ची) पा सकते हैं लेकिन तब तक आपको खोना नहीं चाहते हैं। इसलिए वे आपको संभावित ‘डेट लिस्ट’ में रखते हैं। इस तरह की स्थिति बेन्ची को हमेशा एक कंफ्यूजन वाले रिलेशनशिप में रखती है और उन्हें ये पता नही चल पाता कि बेंचर उनके लिए किस तरह की फीलिंग्स रखता / रखती है।

बेन्चिंग में, आप सामान्य डेटिंग के तरह आउटिंग पर नहीं जाते हैं जहाँ आपको अपने स्पेशल मोमेंट्स को शेयर करने का मौका मिलता है। यहां आप केवल व्हाट्सएप (या किसी अन्य मैसेंजर) के मैसेज / कॉल, टाइमपास मैसेज, फॉरवर्ड, ऑफिस/अन्य मीटिंग्स और कुछ झूठे वादों के साथ एक दूसरे से जुड़े होते हैं जो आमतौर पर भविष्य में किसी एक बहाने के साथ समाप्त हो जाते हैं।

बेंचिंग के बारे में साकारत्मक सोच रखना अच्छी बात है लेकिन वास्तविक रूप में यह एक आदर्श संबंध नहीं है बल्कि आपको एक तरह के ओपन रिलेशनशिप की ओर ले जाता है।

ज्यादातर लोग अच्छे विकल्प (पार्टनर) मिलने के लालच के कारण बेन्चिंग में फंसते रहते हैं। यह संभव है कि वे अपने बेन्ची को पसंद करते हैं लेकिन वे उन्हें इतना पसंद नहीं करते हैं कि कोई कमिटमेंट कर सकें। ज्यादातर मामलों में, यह संभव है कि वे उनमें एक विशेष गुण से आकर्षित हों, लेकिन वे पूरे तौर पर उनके लिए समर्पित नही होते अथवा नही होना चाहते।

जैसा कि फिल्मों में दिखाया जाता है, एक सम्पन्न व्यक्ति किसी दूसरे जररूतमंद से किसी परिस्थिति में मिलकर उसकी मदद करता और उनके बीच हुई  आकर्षण उन्हें बेंचिंग रिलेशनशिप तक पहुंचा देती है।

बेन्ची का आमतौर पर एक बैकअप (एक्स्ट्रामैरिटल) पार्टनर या बोरियत से छुटकारा पाने में उपयोग किया जाता है। जब बेन्चर को लगता है कि उन्हें किसी नए व्यक्ति से बात करने या मिलने की आवश्यकता होती है, तो वे आपको याद करते हैं। और जब उन्हें खुद को खुश करने के लिए किसी की जरूरत होती है तो वो आपके साथ होते हैं।

बेन्ची के लिए इसे प्यार समझना एक मृग-मरीचिका के सामान है क्योंकि बेंचिंग के मामले में ये सुनिश्चित करना कि क्या अगला व्यक्ति आपको पसंद करता है काफी मुश्किल काम है। वे आपके साथ कभी-कभी और एक लंबी चुप्पी के साथ अफेयर रखने का अभिनय करते हैं। दूसरी तरफ आप महसूस कर सकते हैं कि आप एकतरफा रिश्ते में हैं जहां अनिश्चितता और हताशा का अहसास भी साथ में बनी रहती है। और यदि आपके पास आत्मसम्मान की कमी है तो आप दूसरे व्यक्ति के साथ इसके बारे में कोई बात करना भी पसंद नही करेंगे।

To be continued –

Part – 2: कैसे जान पाएंगे हैं कि आप बेंच हो रहे हैं और इससे छुटकारा पाने के लिए आपको क्या करना चाहिए?

टिंडर टॉक की श्रृंखला में यह मेरा पहला लेख है। यह मेरे इंग्लिश में लिखी गयी लेख ‘बेंचिंग – द न्यू गेम थ्योरी ऑफ डेटिंग‘ का हिंदी संस्करण है।  इस तरह के अन्य लेख मेरे वेबसाइट sudeshkumar.com पर उपलब्ध है।
 

सुदेश कुमार